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1 साल में दिल्ली-NCR से हटेंगे पुराने वाहन, नई गाड़ियों पर 30% तक का फायदा

PARIVARTAN Scheme के तहत दिल्ली-NCR में BS-IV और उससे पुराने ट्रकों और बसों को BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य रखा गया है। जानिए किन राज्यों में लागू है योजना और वाहन मालिकों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे।

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दिल्ली-NCR में पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने की तैयारी

दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार की PARIVARTAN Scheme को तेजी से लागू किया जा रहा है। इस योजना का लक्ष्य दिल्ली और NCR के हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के जिलों में रजिस्टर्ड पुराने कमर्शियल वाहनों को नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से बदलना है।

किन वाहनों को बदला जाएगा?

PARIVARTAN Scheme के तहत मुख्य रूप से BS-IV और उससे पुराने मानकों वाले ट्रकों और बसों को BS-VI या उससे कड़े उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने की योजना है।

सरकार का लक्ष्य दो लाख से अधिक पुराने ट्रकों और बसों को नए वाहनों से बदलना है। अधिकारियों के मुताबिक योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई गाड़ी खरीदने पर क्या मिलेगा?

योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इनमें:

- नए वाहन पर कम-से-कम 8% OEM डिस्काउंट - वाहन लोन पर 5% ब्याज सब्सिडी/इंटरेस्ट सबवेंशन - 10 साल के लिए मोटर व्हीकल टैक्स में छूट - नई गाड़ी की रजिस्ट्रेशन फीस में पूरी छूट - BS-VI डीजल या CNG वाहनों के लिए पांच साल तक फ्यूल वाउचर - इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एकमुश्त आर्थिक प्रोत्साहन

शामिल हैं।

इन सभी लाभों को मिलाकर वाहन मालिकों को कुल मिलाकर बड़ा वित्तीय फायदा मिल सकता है। कुछ रिपोर्टों में यह फायदा 25 से 30 प्रतिशत तक बताया गया है, हालांकि यह वाहन और योजना के तहत मिलने वाले अलग-अलग लाभों पर निर्भर करेगा।

किन राज्यों में लागू है योजना?

PARIVARTAN Scheme दिल्ली के साथ-साथ NCR में शामिल हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संबंधित जिलों में लागू है।

सरकार का कहना है कि पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों को हटाकर साफ-सुथरे वाहनों को बढ़ावा देने से दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

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