अमेरिका-कनाडा के बाद ब्रिटेन पहुंचे मोहन भागवत, 7 सितंबर तक चलेगा UK दौरा
RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका और कनाडा के बाद ब्रिटेन दौरे की शुरुआत हो गई है। लंदन में अपने प्रवास के दौरान वह भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात के साथ अलग-अलग धार्मिक समुदायों के प्रतिनिधियों से संवाद कर सकते हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत अपने विदेश दौरे के अगले चरण में ब्रिटेन पहुंचे हैं। अमेरिका और कनाडा के बाद अब उनका UK दौरा शुरू हो गया है। यह यात्रा 2 सितंबर से 7 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित है।
लंदन प्रवास के दौरान भागवत का फोकस भारतीय मूल के लोगों के साथ संवाद और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक समूहों से संपर्क पर रहने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के अलावा इंटरफेथ डायलॉग यानी अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी शामिल है।
भारतीय समुदाय से करेंगे मुलाकात
ब्रिटेन में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। ऐसे में भागवत के दौरे के दौरान प्रवासी भारतीयों के साथ बैठकें और संवाद महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।
RSS की ओर से विदेशों में संपर्क बढ़ाने की रणनीति के तहत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा को देखा जा रहा है। इस दौरान संगठन की विचारधारा और सामाजिक दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रखने तथा विभिन्न समुदायों के लोगों से सीधे बातचीत करने पर जोर दिया जा रहा है।
अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों से संवाद
UK दौरे की खास बात धार्मिक और सामाजिक संवाद भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भागवत लंदन में यहूदी, ईसाई, सिख और मुस्लिम समुदायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं। इस तरह की बैठकों का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच बातचीत और आपसी समझ को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
अमेरिका-कनाडा में भी रहा चर्चा में दौरा
ब्रिटेन पहुंचने से पहले भागवत अमेरिका और कनाडा का दौरा कर चुके हैं। अमेरिका में उन्होंने एक बड़े कार्यक्रम में मानवता, एकता और सामाजिक सद्भाव से जुड़े विचार रखे थे। इसके बाद कनाडा में भी उन्होंने भारतीय समुदाय और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया।
अब UK दौरे के दौरान होने वाली बैठकों पर नजर रहेगी। खासतौर पर भारतीय प्रवासियों और अलग-अलग धार्मिक समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी बातचीत को इस यात्रा का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
