अमेरिका ने मल्टीनेशनल अटैक ड्रोन टास्क फोर्स किया लॉन्च, वॉर के बीच खाड़ी देश इसमें होंगे शामिल?
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने पहली बार मल्टीनेशनल अटैक ड्रोन टास्क फोर्स ‘फाल्कन स्ट्राइक’ लॉन्च किया है। इसमें अमेरिका के साथ क्षेत्रीय सहयोगियों को शामिल करने की तैयारी है। हालांकि अभी किसी खाड़ी देश ने अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है।

ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने एक बड़ा सैन्य कदम उठाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने ‘Task Force Falcon Strike’ नाम से अपनी पहली मल्टीनेशनल अटैक-ड्रोन टास्क फोर्स शुरू की है। इसका मकसद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच ड्रोन ऑपरेशंस को और मजबूत करना है।
इस नई टास्क फोर्स में वन-वे अटैक ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। अमेरिकी सेना के मुताबिक इसमें हवा के साथ-साथ समुद्र की सतह और समुद्र के नीचे काम करने वाले unmanned systems को भी शामिल किया जाएगा।
45 MQ-9 Reaper ड्रोन का नुकसान
ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी ड्रोन बेड़े पर भी भारी दबाव पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने युद्ध में कम से कम 45 MQ-9 Reaper ड्रोन खोए हैं, जो उसके Reaper बेड़े का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। इससे अमेरिकी ड्रोन क्षमता को दोबारा मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है।
इसी वजह से अमेरिका अब ज्यादा संख्या में सस्ते और हथियारों से लैस ड्रोन के इस्तेमाल और swarm-based drone warfare की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
क्या खाड़ी देश होंगे शामिल?
CENTCOM ने क्षेत्रीय सहयोगियों से बातचीत शुरू कर दी है और उन्हें इस पहल में औपचारिक रूप से शामिल होने का न्योता दिया जाएगा। हालांकि अभी तक अमेरिका ने यह साफ नहीं किया है कि कौन-कौन से देश टास्क फोर्स में शामिल होंगे।
सऊदी अरब, UAE, जॉर्डन, बहरीन और कतर जैसे अमेरिकी क्षेत्रीय सहयोगियों ने फिलहाल इस टास्क फोर्स में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन देशों की संभावित भागीदारी अभी सिर्फ संभावना है, आधिकारिक घोषणा नहीं।
पहले से चल रही थी तैयारी
Falcon Strike से पहले CENTCOM ने करीब नौ महीने पहले Task Force Scorpion Strike बनाई थी। यह मध्य पूर्व में अमेरिका की पहली dedicated one-way attack drone unit थी।
Scorpion Strike ने हवा से attack drones लॉन्च करने के साथ-साथ समुद्री unmanned systems का भी इस्तेमाल किया था। अब Falcon Strike के जरिए इस क्षमता को अमेरिकी सहयोगी देशों के साथ बड़े स्तर पर बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
ईरान युद्ध के बीच इस नई टास्क फोर्स का गठन यह संकेत देता है कि अमेरिका आने वाले समय में मध्य पूर्व में drone warfare और unmanned military systems पर और ज्यादा निर्भर हो सकता है।
