बांदा के स्कूल में पानी के बीच तिरंगा, वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन ने शुरू कराया काम
उत्तर प्रदेश के बांदा में स्वतंत्रता दिवस के दौरान एक सरकारी स्कूल में बच्चे जलभराव के बीच तिरंगे के सामने खड़े नजर आए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क व परिसर को बेहतर बनाने का काम शुरू कराया।

उत्तर प्रदेश के बांदा से सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। पिष्टा गांव के सरकारी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान परिसर में काफी पानी जमा था। इसी हालत में बच्चों ने तिरंगे के सामने खड़े होकर राष्ट्रगान किया और देशभक्ति के नारे लगाए।
वायरल वीडियो में बच्चे पानी के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि स्कूल के शिक्षक अपेक्षाकृत सूखी जगह पर नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर स्कूल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन ने लिया संज्ञान
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने के बाद मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए।
इसके बाद स्कूल और आसपास के इलाके की स्थिति देखी गई। प्रशासन की ओर से जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए जरूरी काम शुरू कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
सड़क और स्कूल परिसर को किया जा रहा बेहतर
प्रशासन के मुताबिक स्कूल तक आने-जाने वाली सड़क को दुरुस्त करने के साथ-साथ आसपास की नीची जमीन को ऊंचा किया जा रहा है। स्कूल के मैदान में मिट्टी डालकर उसे ऊंचा करने का काम भी शुरू किया गया है, ताकि बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या कम हो।
डीएम ने कहा है कि स्कूल से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी सामने आती हैं तो जरूरत के हिसाब से उनका समाधान कराया जाएगा।
बच्चों की तस्वीर ने खड़े किए सवाल
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बच्चों का पानी के बीच खड़े होकर कार्यक्रम में शामिल होना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने सवाल उठाया कि स्कूल में लंबे समय से जलभराव की समस्या होने के बावजूद इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया।
यह मामला सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और जमीनी स्तर पर योजनाओं के असर को लेकर भी बहस का कारण बना है।
वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ सुधार
फिलहाल प्रशासन ने स्कूल की स्थिति सुधारने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। सड़क और मैदान को ऊंचा किए जाने के बाद उम्मीद है कि बारिश के दिनों में बच्चों और शिक्षकों को जलभराव के बीच स्कूल आने-जाने की परेशानी कम होगी।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर दिखाया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाला कोई स्थानीय मुद्दा किस तरह प्रशासन तक पहुंचकर कार्रवाई की वजह बन सकता है।
