Bengaluru में ‘Operation Mukta’ शुरू, संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए ‘Operation Mukta’ शुरू किया है। व्हाइटफील्ड और इलेक्ट्रॉनिक सिटी समेत कई इलाकों में 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने दस्तावेजों की जांच की। शुरुआती कार्रवाई में करीब 40 लोगों को वेरिफिकेशन के लिए हिरासत में लिया गया।

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पुलिस ने संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। ‘Operation Mukta’ नाम के इस अभियान के तहत शहर के कई इलाकों में बड़े स्तर पर तलाशी और वेरिफिकेशन किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है जो बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे हो सकते हैं। शुरुआती कार्रवाई के दौरान व्हाइटफील्ड डिवीजन में 30 से ज्यादा स्थानों और इलेक्ट्रॉनिक सिटी इलाके में कई जगहों पर जांच की गई।
500 से ज्यादा पुलिसकर्मी अभियान में शामिल
व्हाइटफील्ड के डीसीपी सैदुल्ला अडावत के मुताबिक, अकेले व्हाइटफील्ड डिवीजन में 500 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अभियान में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह एक नियमित और लगातार चलने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है।
पुलिस टीम संदिग्ध लोगों के पहचान पत्र, नागरिकता से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। किसी व्यक्ति पर संदेह होने की स्थिति में उसके दस्तावेजों और बैकग्राउंड को वेरिफाई किया जा रहा है।
40 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, व्हाइटफील्ड इलाके में करीब 40 संदिग्ध लोगों को दस्तावेजों की जांच के लिए हिरासत में लिया गया। इनमें से चार लोगों के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उन्हें बांग्लादेशी नागरिक बताया गया है। बाकी लोगों की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के पास ऐसा पहचान पत्र या दस्तावेज मिलता है जिससे उसके विदेशी नागरिक होने का संकेत मिले, तो मामले की जानकारी Foreigners Regional Registration Office (FRRO) को दी जाएगी। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन इलाकों में हुई तलाशी
Operation Mukta के तहत Whitefield, Varthur, Kadugodi, Balagere Road, Bellandur, Marathahalli, Mahadevapura और Electronic City समेत कई इलाकों में जांच की गई।
पुलिस ने व्हाइटफील्ड क्षेत्र के छह थाना क्षेत्रों के अंतर्गत करीब 30 स्थानों पर कार्रवाई की। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सिटी में भी 15 से 20 स्थानों की जांच की गई।
झुग्गी और अस्थायी बस्तियों में भी जांच
अभियान के दौरान पुलिस ने कई अस्थायी बस्तियों और शेड्स की भी जांच की। इन इलाकों में बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार और नेपाल से आए लोगों के रहने की जानकारी मिली।
पुलिस ने साफ किया है कि किसी भारतीय नागरिक की पहचान और दस्तावेज सही पाए जाने पर उसे रहने दिया जाएगा। वहीं, यदि कोई विदेशी नागरिक बिना वैध अनुमति के भारत में रह रहा पाया जाता है, तो उसे निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत FRRO के सामने पेश किया जाएगा।
निर्माण मजदूर, ड्राइवर और घरेलू कामगार भी मिले
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कई लोग निर्माण क्षेत्र में मजदूरी, घरेलू काम, ड्राइविंग और डिलीवरी जैसे काम करते हुए पाए गए। कुछ स्थानों पर बड़ी संख्या में अस्थायी शेड भी बनाए गए थे।
एक जगह करीब 150 शेड और दूसरी बस्ती में 100 से ज्यादा शेड पाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन जगहों को किराए पर देने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
विदेशी नागरिक मिलने पर क्या होगा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिर्फ किसी व्यक्ति के दूसरे राज्य या क्षेत्र से आने के आधार पर उसे विदेशी नागरिक नहीं माना जाएगा। पहचान और नागरिकता की पुष्टि दस्तावेजों और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के जरिए की जाएगी।
अगर किसी व्यक्ति के विदेशी नागरिक होने की पुष्टि होती है और उसके पास भारत में रहने के लिए वैध अनुमति नहीं है, तो संबंधित एजेंसियों के जरिए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जरूरत पड़ने पर deportation की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
अवैध प्रवासियों की पहचान पर पुलिस का फोकस
बेंगलुरु पुलिस ने स्पष्ट किया है कि Operation Mukta किसी एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए चलाया जा रहा लगातार अभियान है।
फिलहाल पुलिस दस्तावेजों की जांच और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पर ध्यान दे रही है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
