Technology

भारत में 2028 तक उड़ेंगे Electric Air Taxi! अगले साल से तेज होगी टेस्टिंग, सरकार ने बताया प्लान

भारत 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के अनुसार, इस तकनीक की टेस्टिंग अगले साल से तेज होने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक VTOL यानी Vertical Take-Off and Landing एयरक्राफ्ट बड़े शहरों में ट्रैफिक की समस्या को कम करने और यात्रा का समय घटाने में मदद कर सकते हैं। सरकार के सामने सुरक्षा और किफायती संचालन अहम चुनौतियां हैं

Share:

भारत में 2028 तक उड़ेंगे Electric Air Taxi! अगले साल से तेज होगी टेस्टिंग, सरकार ने बताया प्लान

नई दिल्ली: भारत में शहरी परिवहन का भविष्य जल्द ही बदल सकता है। केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को देश में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि भारत का लक्ष्य 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को उड़ान भरते देखना है। इस तकनीक से जुड़े परीक्षणों में अगले साल से तेजी आने की उम्मीद है।

क्या होती है Electric Air Taxi?

इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को आम तौर पर eVTOL (Electric Vertical Take-Off and Landing) एयरक्राफ्ट कहा जाता है। ये विमान हेलीकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उठ और नीचे उतर सकते हैं, जबकि इनमें इलेक्ट्रिक मोटरों का इस्तेमाल किया जाता है।

बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और सड़कों पर लगने वाले लंबे समय को देखते हुए ऐसी एयर टैक्सी को शहरी परिवहन के एक नए विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

2028 तक उड़ान का लक्ष्य

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के मुताबिक भारत 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को उड़ाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि इस क्षेत्र में तकनीकी परीक्षण अगले साल और तेज हो सकते हैं।

अगर परीक्षण, सुरक्षा और नियामकीय प्रक्रियाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत के बड़े शहरों में एयर टैक्सी सेवा देखने को मिल सकती है।

ट्रैफिक से मिलेगी राहत?

भारत के बड़े महानगरों में सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक के कारण छोटी दूरी की यात्रा में भी काफी समय लग जाता है। इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का उद्देश्य इसी समस्या का एक वैकल्पिक समाधान देना है।

हवाई रास्ते से यात्रा करने पर शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम किया जा सकता है। यही वजह है कि eVTOL तकनीक को भविष्य की Urban Mobility का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

भारत में कंपनियां भी कर रहीं तैयारी

भारत में निजी क्षेत्र की कंपनियां भी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी विकसित करने पर काम कर रही हैं। बेंगलुरु स्थित Sarla Aviation छह यात्रियों को ले जाने में सक्षम eVTOL एयरक्राफ्ट विकसित कर रही है। कंपनी के विमान में सात इलेक्ट्रिक मोटरों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस तरह सरकार की नीति और निजी कंपनियों की तकनीकी तैयारी मिलकर भारत में इलेक्ट्रिक एयर मोबिलिटी के लिए एक नया बाजार तैयार कर सकती है।

सुरक्षा और कीमत सबसे बड़ी चुनौती

एयर टैक्सी को आम लोगों के लिए व्यावहारिक बनाने के लिए सिर्फ तकनीक विकसित करना पर्याप्त नहीं होगा। इसकी सुरक्षा, विश्वसनीयता और लागत सबसे महत्वपूर्ण पहलू होंगे।

अगर एयर टैक्सी की सेवा बहुत महंगी रहती है, तो इसका इस्तेमाल सीमित वर्ग तक ही रह सकता है। इसलिए सरकार और कंपनियों के सामने ऐसी तकनीक विकसित करने की चुनौती है जो सुरक्षित होने के साथ-साथ आम शहरी परिवहन के लिए आर्थिक रूप से भी व्यवहारिक हो।

स्थानीय स्तर पर निर्माण और तकनीक के विकास से लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

मेडिकल इमरजेंसी में भी हो सकता है इस्तेमाल

इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का इस्तेमाल केवल यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने तक सीमित नहीं रह सकता। इनका उपयोग मेडिकल इमरजेंसी और एयर एंबुलेंस जैसी सेवाओं में भी किया जा सकता है।

खास तौर पर बड़े शहरों में ट्रैफिक के कारण मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम करने के लिए यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।

क्या 2028 में सच में उड़ेंगे एयर टैक्सी?

फिलहाल 2028 सरकार का लक्ष्य है, लेकिन इसके लिए कई चरणों में परीक्षण और सुरक्षा संबंधी मंजूरियों की जरूरत होगी। आने वाला साल इस तकनीक के परीक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

अगर टेस्टिंग और प्रमाणन की प्रक्रिया सफल रहती है, तो 2028 तक भारत के शहरों में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी एक प्रयोगात्मक तकनीक से आगे बढ़कर वास्तविक शहरी परिवहन का हिस्सा बन सकती है।

भारत का यह कदम भविष्य की Urban Air Mobility की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

Your reaction
Share: