भारत में पहली बार जापानी F-2 की एंट्री! 110 सैनिकों के साथ राजस्थान में होगा बड़ा एयर वॉर ड्रिल
जापान पहली बार अपने F-2A लड़ाकू विमानों को भारत भेज रहा है। Veer Guardian 26 अभ्यास के लिए तीन F-2A जेट और करीब 110 जापानी कर्मी राजस्थान पहुंचेंगे, जहां भारतीय वायुसेना के साथ संयुक्त हवाई युद्धाभ्यास किया जाएगा।

भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को एक नई दिशा मिलने जा रही है। जापान पहली बार अपने F-2A फाइटर जेट्स को भारतीय जमीन पर संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए भेजने वाला है। यह तैनाती Veer Guardian 26 अभ्यास का हिस्सा होगी, जिसका आयोजन राजस्थान में किया जाएगा।
जापान की एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के मुताबिक इस मिशन में तीन F-2A लड़ाकू विमान और करीब 110 सैन्यकर्मी शामिल होंगे। ये विमान जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित त्सुइकी एयर बेस की 8वीं एयर विंग से संबंधित हैं।
9 से 21 सितंबर तक चलेगा अभ्यास
Veer Guardian 26 का मुख्य अभ्यास 9 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक राजस्थान में प्रस्तावित है। भारतीय और जापानी वायुसेनाएं इस दौरान हवाई युद्धक क्षमताओं, रणनीतिक तालमेल और ऑपरेशनल इंटरऑपरेबिलिटी को बेहतर बनाने पर काम करेंगी।
यह जापान के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसके लड़ाकू विमानों की भारत में यह पहली तैनाती होगी। इससे दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच सहयोग केवल बातचीत और सीमित अभ्यासों से आगे बढ़कर ज्यादा व्यावहारिक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है।
F-2 की खासियत क्या है?
जापान का F-2 एक मल्टीरोल फाइटर विमान है, जिसे जापान और अमेरिका के सहयोग से विकसित किया गया था। इसका डिजाइन F-16 से जुड़ा है, लेकिन जापान ने इसमें अपने हिसाब से कई बदलाव और तकनीकी प्रणालियां शामिल की हैं।
F-2 को हवाई युद्ध के साथ-साथ समुद्री लक्ष्यों के खिलाफ मिशन के लिए भी तैयार किया गया है। जापान की वायुसेना में यह लंबे समय से महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में शामिल रहा है।
भारत-जापान की वायुसेना फिर आमने-सामने
यह दोनों देशों का दूसरा प्रमुख द्विपक्षीय फाइटर एयर एक्सरसाइज होगा। इससे पहले Veer Guardian 23 का आयोजन जनवरी 2023 में जापान में हुआ था। उस अभ्यास में भारतीय वायुसेना ने Su-30MKI लड़ाकू विमान भेजे थे, जबकि जापान की ओर से F-2 और F-15 विमानों ने हिस्सा लिया था।
इस बार तस्वीर उलट है। जापानी F-2 पहली बार भारत आएंगे और भारतीय वायुसेना के साथ अपने ऑपरेशनल अनुभव साझा करेंगे।
चीन के बीच क्यों अहम है यह अभ्यास?
भारत और जापान दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर अपनी सुरक्षा रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। दोनों देश Quad के सदस्य भी हैं और क्षेत्र में स्वतंत्र एवं खुले इंडो-पैसिफिक की वकालत करते हैं।
ऐसे में F-2 की भारत में तैनाती को सिर्फ एक नियमित सैन्य अभ्यास के रूप में नहीं देखा जा रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, आपसी भरोसा और युद्धक संचालन में तालमेल मजबूत हो सकता है।
