बिहार में Mining Sector को बड़ा Boost! नवंबर तक ₹5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य, 44 ब्लॉकों पर काम तेज
बिहार सरकार ने माइनिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। नवंबर तक ₹5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य है। इसके लिए 44 माइनिंग ब्लॉकों का सर्वे कराया जा रहा है। 30 सितंबर तक 30 से ज्यादा ब्लॉकों के आवंटन और 15 अक्टूबर से खनन शुरू करने की तैयारी है। सरकार को उम्मीद है कि इससे हर साल ₹6-7 हजार करोड़ राजस्व के साथ रोजगार और विकास को भी गति मिलेगी।

बिहार में माइनिंग सेक्टर को लेकर सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। सरकार की नजर अब राज्य के खनिज संसाधनों को बड़े निवेश और रोजगार के अवसरों में बदलने पर है।
सबसे बड़ी बात ये है कि सरकार ने नवंबर तक बिहार में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है।
इसके लिए राज्य के 44 माइनिंग ब्लॉकों का सर्वे कराया जा रहा है। कई ब्लॉकों में प्रक्रिया पहले ही आगे बढ़ चुकी है।
सरकार की योजना के मुताबिक, 30 सितंबर तक 30 से ज्यादा माइनिंग ब्लॉकों का आवंटन करने की तैयारी है। इसके बाद 15 अक्टूबर से कई जगहों पर खनन गतिविधियां शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब बात करते हैं कि बिहार के किन इलाकों में खनिज संपदा की तलाश की जा रही है।
रोहतास में लाइमस्टोन के अलावा औरंगाबाद, जहानाबाद, जमुई, गया, बांका और भागलपुर जैसे जिलों में भी अलग-अलग खनिज संसाधनों की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि अगर इन संसाधनों का व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो बिहार के लिए माइनिंग सेक्टर आय का बड़ा स्रोत बन सकता है।
सरकार के अनुमान के मुताबिक, खनन गतिविधियों से राज्य को हर साल करीब 6 से 7 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है।
लेकिन कहानी सिर्फ सरकारी खजाने तक सीमित नहीं है।
बड़े निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा और खनन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की उम्मीद भी की जा रही है।
यानी बिहार सरकार की नजर एक साथ तीन बड़े लक्ष्यों पर है— निवेश बढ़ाना, राजस्व बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना।
अगर सरकार की यह योजना तय समय के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में बिहार के माइनिंग सेक्टर की तस्वीर काफी बदल सकती है।
अब देखना होगा कि 44 माइनिंग ब्लॉकों में से कितने ब्लॉकों की नीलामी और आवंटन तय समय पर पूरा होता है और जमीन पर खनन गतिविधियां कितनी तेजी से शुरू होती हैं।
बिहार में माइनिंग सेक्टर का ये प्लान कितना बड़ा बदलाव ला सकता है? अपनी राय कमेंट में बताइए।
