BRICS से पहले भारत का JAVELIN दांव! 🇮🇳 अमेरिका से Missile Deal के पीछे क्या है बड़ी Strategy?

BRICS और SCO Summit से पहले भारत अमेरिका से करीब 100 Javelin Anti-Tank Guided Missiles खरीदने की तैयारी में है। जानिए इस संभावित defence deal के पीछे भारत की क्या strategic strategy हो सकती है।

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BRICS से पहले भारत का JAVELIN दांव!

BRICS और SCO Summit से पहले भारत और अमेरिका के बीच defence cooperation को लेकर एक अहम खबर सामने आई है।

भारत अमेरिका से करीब 100 Javelin Anti-Tank Guided Missiles खरीदने की तैयारी में है। इस संभावित deal की अनुमानित कीमत करीब ₹300 करोड़ बताई जा रही है।

लेकिन सवाल सिर्फ 100 missiles की खरीद का नहीं है। इस deal को भारत की broader strategic strategy के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

Javelin Missile क्यों है खास?

Javelin एक man-portable anti-tank guided missile system है, जिसे armored targets के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है।

भारत पहले से अलग-अलग देशों से defence systems खरीदता रहा है। ऐसे में अमेरिकी Javelin system में संभावित रुचि भारत की anti-tank capabilities को मजबूत करने की दिशा में एक कदम हो सकती है।

BRICS और SCO के बीच Defence Strategy

इस खबर की timing भी काफी महत्वपूर्ण है।

एक तरफ भारत BRICS और SCO जैसे multilateral platforms पर रूस और चीन के साथ engagement जारी रखता है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के साथ defence cooperation भी लगातार मजबूत हो रहा है।

इसी वजह से Javelin deal को भारत की strategic balancing policy से जोड़कर देखा जा रहा है।

भारत लंबे समय से अलग-अलग global powers के साथ अपने strategic और defence relationships को अपने national interest के हिसाब से आगे बढ़ाने की कोशिश करता रहा है।

## क्या भारत में हो सकती है Joint Production?

एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या भविष्य में Javelin system की manufacturing या joint production भारत में संभव हो सकती है।

अगर ऐसा होता है तो इससे भारत की defence manufacturing और Make in India efforts को बढ़ावा मिल सकता है।

हालांकि किसी भी संभावित future production arrangement को लेकर अंतिम फैसला और आधिकारिक details अलग से महत्वपूर्ण होंगी।

क्या है बड़ी Strategy?

Javelin deal को केवल एक missile purchase के तौर पर देखने के बजाय इसे भारत-अमेरिका defence partnership के broader context में देखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

भारत एक तरफ रूस के साथ अपने पुराने defence संबंध बनाए हुए है, दूसरी तरफ अमेरिका और अन्य Western देशों के साथ strategic cooperation बढ़ा रहा है।

यानी भारत का लक्ष्य किसी एक power bloc पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अपने strategic options को मजबूत रखना हो सकता है।

अब सवाल यही है—

क्या Javelin deal भारत की anti-tank capability को मजबूत करने के साथ-साथ India-US defence partnership को भी नई दिशा देगी?

और क्या आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच joint defence production और technology cooperation और बढ़ेगा?

इस पूरी कहानी पर नजर बनी रहेगी।

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