FSSAI का बड़ा फैसला: पान मसाला की प्लास्टिक पैकेजिंग पर सख्ती, जानें नए नियम
FSSAI ने पान मसाला की पैकेजिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए संशोधन के तहत प्लास्टिक आधारित और प्लास्टिक से लैमिनेट की गई पैकेजिंग को पान मसाला के लिए निर्धारित पैकेजिंग सामग्री की सूची में शामिल नहीं किया गया है। इससे पान मसाला कंपनियों की पैकेजिंग व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

पान मसाला उत्पादों की पैकेजिंग को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नियमों में बदलाव किया है। नए संशोधन के बाद पान मसाला की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ सामग्रियों को लेकर कंपनियों के लिए नियम पहले से अधिक सख्त हो गए हैं।
नए प्रावधानों के तहत प्लास्टिक आधारित पैकेजिंग और प्लास्टिक से लैमिनेट की गई पैकेजिंग को पान मसाला के लिए अनुमत या निर्दिष्ट पैकेजिंग सामग्री की सूची में शामिल नहीं किया गया है।
इस बदलाव का सीधा असर पान मसाला बनाने और पैक करने वाली कंपनियों पर पड़ सकता है। कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग के लिए अब FSSAI के निर्धारित मानकों और अनुमत सामग्रियों का पालन करना होगा।
पैकेजिंग को लेकर क्या बदला?
FSSAI के संशोधित नियमों में पान मसाला की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर स्पष्टता बढ़ाई गई है। प्लास्टिक आधारित या प्लास्टिक-लैमिनेटेड पैकेजिंग को निर्धारित पैकेजिंग विकल्पों में जगह नहीं दी गई है।
इसका उद्देश्य खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग से जुड़े मानकों को मजबूत करना और इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री को नियामक मानकों के अनुरूप रखना है।
कंपनियों के लिए क्या मायने?
नए नियमों के बाद पान मसाला कंपनियों को अपनी पैकेजिंग व्यवस्था की समीक्षा करनी पड़ सकती है। जिन कंपनियों की पैकेजिंग मौजूदा मानकों के अनुरूप नहीं होगी, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार बदलाव करना होगा।
यह कदम ऐसे समय आया है जब खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग, सुरक्षा और इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर नियामक निगरानी लगातार बढ़ रही है।
क्रक्स: FSSAI ने पान मसाला की पैकेजिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। प्लास्टिक आधारित और प्लास्टिक-लैमिनेटेड पैकेजिंग को निर्धारित पैकेजिंग सामग्री की सूची में शामिल नहीं किया गया है। नए नियमों से पान मसाला कंपनियों को अपनी पैकेजिंग व्यवस्था में बदलाव करना पड़ सकता है।
