राजनीति

Jharkhand Bandh 2026: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BJP का बंद, JPSC-JSSC विवाद से गरमाई सियासत

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर रांची में जारी छात्र आंदोलन के बीच विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई ने विवाद बढ़ा दिया है। छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BJP ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान किया है।

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JPSC-JSSC Protest: रांची में छात्र आंदोलन के बीच बढ़ा सियासी तनाव

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब राजनीतिक टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। रांची में छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद BJP ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान किया है।

छात्र लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आंदोलन के 17वें दिन विधानसभा घेराव के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

विधानसभा घेराव के दौरान क्या हुआ?

सोमवार को बड़ी संख्या में JPSC-JSSC अभ्यर्थी विधानसभा की ओर मार्च करते हुए पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के जरिए रोकने की कोशिश की।

हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कुछ छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।

अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

BJP ने क्यों बुलाया झारखंड बंद?

छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP ने मंगलवार, 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है।

BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया। पार्टी ने लोगों से बंद को समर्थन देने की अपील की है।

BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और बाबूलाल मरांडी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बंद की घोषणा की। 10 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान बाबूलाल मरांडी को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था।

हेमंत सोरेन ने छात्रों से क्या कहा?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से देख रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। साथ ही उन्होंने कुछ विपक्षी नेताओं पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

सरकार पहले ही तीन परीक्षाएं कर चुकी है रद्द

JPSC-JSSC विवाद में सरकार की ओर से पहले ही कुछ कदम उठाए जा चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने तीन भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है, जिसमें 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भी शामिल है।

सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ED जांच को भी मंजूरी दी है। हालांकि छात्र संगठन अभी भी CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार

इसी विवाद के बीच JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को CID ने गिरफ्तार किया है। उनसे पहले भी परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में पूछताछ की गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अगस्त को उनसे कई घंटे पूछताछ हुई थी और इससे पहले CID ने राज्य में कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी।

खियांग्ते पर 14वीं सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े एक निजी परीक्षा संचालन संस्थान के चयन को लेकर सवाल उठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र इस एजेंसी से जुड़ी परीक्षाओं की भी जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

छात्रों की मुख्य मांग क्या है?

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच चाहते हैं। छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में CBI जांच और विवादित परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट कार्रवाई शामिल है।

सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद अभी तक ऐसा समाधान नहीं निकला है जिससे आंदोलन पूरी तरह समाप्त हो सके। यही वजह है कि मामला लगातार लंबा खिंच रहा है।

अब बंद के बाद क्या होगा?

छात्र आंदोलन और BJP के बंद के ऐलान के बाद झारखंड में JPSC-JSSC विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। एक तरफ सरकार बातचीत और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की बात कर रही है, वहीं छात्र CBI जांच समेत अपनी मांगों पर कायम हैं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि 11 अगस्त के झारखंड बंद का कितना असर होता है और क्या इसके बाद सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकल पाता है।

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