राजनीति

JPSC परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, CBI या स्वतंत्र जांच की मांग

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 2025 संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरीशरण देवगन ने PIL दाखिल कर परीक्षा की CBI या स्वतंत्र जांच कमेटी से जांच कराने की मांग की है। याचिका में OMR स्कैनिंग, कोडिंग, मूल्यांकन और रिजल्ट प्रक्रिया के स्वतंत्र ऑडिट के साथ परीक्षा से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। वहीं, रांची में छात्र परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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JPSC परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, CBI जांच की मांग

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 2025 संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता हरीशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। याचिका में मामले की जांच CBI या किसी स्वतंत्र जांच कमेटी से कराने की मांग की गई है।

क्या है पूरा मामला?

JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 का आयोजन 19 अप्रैल 2026 को हुआ था, जबकि प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट 2 जुलाई 2026 को जारी किया गया। रिजल्ट जारी होने के बाद एक सफल उम्मीदवार की OMR शीट की कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर सामने आने को लेकर सवाल उठे।

आरोप है कि संबंधित उम्मीदवार ने पहले पेपर में 100 में से केवल 48 सवालों के जवाब दिए, इसके बावजूद वह परीक्षा में सफल घोषित हुआ। इसी के बाद परीक्षा की प्रक्रिया और रिजल्ट को लेकर विवाद बढ़ गया।

अभी CID कर रही है जांच

मामला सामने आने के बाद JPSC की ओर से बताया गया कि इसकी जांच CID कर रही है। आयोग ने सफल उम्मीदवारों से Paper-I और Paper-II की OMR कार्बन कॉपी जमा करने को भी कहा था। इसके लिए उम्मीदवारों को 30 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक का समय दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में PIL में क्या मांग?

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने खास तौर पर CBI या स्वतंत्र जांच कमेटी से जांच कराने की मांग रखी है।

याचिका में OMR स्कैनिंग, कोडिंग, जांच और रिजल्ट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग भी की गई है। इसके अलावा यह पता लगाने की मांग की गई है कि परीक्षा में सही और गलत तरीके से सफल हुए उम्मीदवारों को उपलब्ध सबूतों के आधार पर अलग किया जा सकता है या नहीं।

परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

PIL में परीक्षा से संबंधित सभी कागजी और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आदेश देने की मांग भी की गई है। इसमें OMR शीट, कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, आंसर की, अटेंडेंस शीट, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, परीक्षा केंद्रों की रिपोर्ट, स्कैनिंग रिकॉर्ड और रिजल्ट से जुड़े डेटा शामिल हैं।

रांची में छात्रों का प्रदर्शन जारी

JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर रांची में छात्रों का प्रदर्शन भी जारी है। प्रदर्शन की शुरुआत 25 जुलाई 2026 को बापू वाटिका से हुई थी, जिसके बाद छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे।

प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा की स्वतंत्र जांच के साथ भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं। इसी बीच अनशन पर बैठे राहुल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है।

अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर

JPSC परीक्षा विवाद के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल याचिका में CBI या स्वतंत्र जांच कमेटी से जांच, परीक्षा प्रक्रिया के ऑडिट और सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रखने जैसी मांगें की गई हैं

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