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लखीसराय हादसे पर PM मोदी दुखी, अशोक धाम मंदिर में भगदड़ से 7 श्रद्धालुओं की मौत

बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बिजली के खंभे/तार गिरने से जुड़ी अफवाह के बाद अचानक अफरा-तफरी मची। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में हुई मौतों पर गहरा दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

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बिहार के लखीसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में जलाभिषेक और पूजा के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 7 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

अफवाह के बाद मची अफरा-तफरी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भीड़ के बीच बिजली के खंभे या तार से करंट लगने की अफवाह फैलने के बाद श्रद्धालुओं में अचानक डर और भगदड़ की स्थिति पैदा हुई। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग टूटने और लोगों के एक-दूसरे के ऊपर गिरने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि सावन के सोमवार के कारण मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। इसी बीच अचानक बढ़े दबाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।

PM मोदी ने जताया दुख

हादसे में लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री की ओर से कहा गया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में जुटा है।

घायलों का इलाज जारी

घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक राहत और बचाव कार्य जारी है और हादसे के पीछे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

बिहार सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।

हादसे ने उठाए भीड़ प्रबंधन पर सवाल

अशोक धाम में सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी भीड़ के प्रबंधन, बैरिकेडिंग और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों के इलाज और स्थिति को नियंत्रित करने पर है। हादसे की विस्तृत जांच के बाद ही भगदड़ की पूरी वजह और जिम्मेदार परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।

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