नेपाल को फिलहाल राहत! चीन बॉर्डर के पास बनी झील फटने का खतरा टला, निगरानी जारी
नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद चीन-नेपाल सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से बनी झील से एक और बड़ी तबाही का खतरा फिलहाल कम हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक झील का पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है और उसका आकार घट रहा है। हालांकि दूसरी झील पर भी नजर रखी जा रही है।

नेपाल को फिलहाल राहत! चीन बॉर्डर के पास बनी झील फटने का खतरा टला, निगरानी जारी
नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद एक और संभावित खतरे को लेकर फिलहाल राहत की खबर सामने आई है। चीन-नेपाल सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बनी एक झील के अचानक फटने का खतरा कम हो गया है।
चीनी अधिकारियों के मुताबिक झील का पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है और इसके कारण झील का आकार भी लगातार घट रहा है। हालांकि इलाके में निगरानी अभी भी जारी है।
क्यों कम हुआ खतरा?
चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक गुरुवार से शनिवार सुबह तक लिए गए सैटेलाइट चित्रों में झील के पानी का स्तर लगातार कम होता दिखाई दिया।
शनिवार दोपहर तक झील के कुछ हिस्सों में जमीन भी दिखाई देने लगी थी। इसका मतलब है कि झील में जमा पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है और फिलहाल अचानक बड़े पैमाने पर पानी के फटने का खतरा कम हुआ है।
ड्रोन और रडार से निगरानी
अधिकारी इस झील पर लगातार नजर रख रहे हैं। इसके लिए सैटेलाइट तस्वीरों के अलावा रडार और ड्रोन की मदद ली जा रही है।
इसी इलाके में एक दूसरी बड़ी झील की भी पहचान हुई है। इसलिए खतरा पूरी तरह खत्म मानकर निगरानी बंद नहीं की गई है।
उसी इलाके में हुई थी भीषण तबाही
यह झील उसी क्षेत्र में बनी है जहां 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक बाढ़ आई थी।
बर्फ, चट्टान, मिट्टी और पानी के बड़े पैमाने पर नीचे आने से नेपाल के रसुवा क्षेत्र समेत सीमा के आसपास भारी तबाही हुई। सड़कें, पुल, घर और सीमा से जुड़ी संरचनाएं प्रभावित हुईं।
इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
आगे भी क्यों जरूरी है सावधानी?
हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर और उनसे जुड़ी झीलों में अचानक बदलाव से फ्लैश फ्लड का खतरा पैदा हो सकता है।
इसी वजह से अधिकारियों ने झील की स्थिति पर निगरानी जारी रखी है। फिलहाल पानी का स्तर घटने से तत्काल खतरा कम हुआ है, लेकिन दूसरी झील और पूरे इलाके की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
नेपाल के लिए राहत की खबर
भीषण आपदा के बाद झील का पानी धीरे-धीरे निकलना नेपाल और सीमा क्षेत्र के लिए फिलहाल राहत की खबर है।
हालांकि राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ संभावित ग्लेशियर झीलों की निगरानी आने वाले समय में भी महत्वपूर्ण रहेगी।
