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Punjab में BJP-SAD गठबंधन पर फंसा पेंच! 55 vs 45 सीटों पर अटका मामला, CM Face पर भी टकराव

Punjab Assembly Election से पहले BJP और SAD के बीच गठबंधन की चर्चा तेज है। सीट शेयरिंग में 55 vs 45 का अंतर और Sukhbir Badal को CM face बनाने की मांग गठबंधन के सामने बड़ी चुनौती बन गई है।

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Punjab में BJP-SAD गठबंधन पर फंसा पेंच

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले BJP और शिरोमणि अकाली दल यानी SAD के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो गई है। लेकिन सीट शेयरिंग और मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर दोनों दलों के बीच पेंच फंसा हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक, BJP करीब 55 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि अकाली दल BJP को 45 सीटें देने के लिए तैयार है। यानी फिलहाल मामला 10 सीटों के अंतर पर अटका हुआ है।

## पुराना सीट शेयरिंग फॉर्मूला क्या था?

अगर पुराने फॉर्मूले की बात करें, तो BJP और SAD पहले लंबे समय तक गठबंधन में चुनाव लड़ते रहे हैं।

उस समय पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में SAD 94 और BJP 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी।

लेकिन इस बार BJP की रणनीति पहले के मुकाबले काफी अलग नजर आ रही है।

BJP का मानना है कि पंजाब में पार्टी का अपना संगठन और वोट बेस मजबूत हुआ है। खासकर शहरी और हिंदू बहुल इलाकों में पार्टी अपनी स्थिति को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

## मुख्यमंत्री के चेहरे पर भी मतभेद

सीट शेयरिंग के बाद दूसरा बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर है।

BJP का पक्ष है कि चुनाव से पहले किसी मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान न किया जाए। पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ना चाहती है और मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव नतीजों के बाद किया जाए।

वहीं, SAD की तरफ से चुनाव से पहले Sukhbir Badal को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग सामने आ रही है।

यानी गठबंधन के सामने दो बड़े सवाल हैं—

पहला, सीटों का बंटवारा कैसे होगा?

और दूसरा, मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा?

## BJP अकेले चुनाव लड़ सकती है?

अगर दोनों पार्टियों के बीच सीटों और नेतृत्व को लेकर सम्मानजनक समझौता नहीं हुआ, तो BJP अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर सकती है।

पार्टी के भीतर एक राय यह भी है कि अगर BJP पंजाब की 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ती है, तो इससे आने वाले समय में राज्य में संगठन और अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने का मौका मिल सकता है।

BJP खास तौर पर पंजाब की शहरी सीटों पर अपना ध्यान बढ़ा रही है और उसे लगता है कि इन इलाकों में पार्टी अपने प्रदर्शन को और बेहतर कर सकती है।

## गठबंधन टूटा तो कैसा होगा मुकाबला?

अगर BJP और SAD का गठबंधन नहीं हुआ, तो पंजाब में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

एक तरफ AAP, दूसरी तरफ Congress, तीसरी तरफ Shiromani Akali Dal और चौथी तरफ BJP।

ऐसे में पंजाब में मुकाबला चतुष्कोणीय होने की संभावना बन सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल

क्या BJP और SAD 10 सीटों के इस अंतर को खत्म करके गठबंधन बचा पाएंगे?

या फिर BJP अकेले मैदान में उतरकर पंजाब की राजनीति में अपनी नई राह बनाएगी?

फिलहाल दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है और सीट शेयरिंग के साथ-साथ मुख्यमंत्री चेहरे पर होने वाली चर्चा पर भी सबकी नजर है।

आपकी राय क्या है?

BJP-SAD गठबंधन होना चाहिए या BJP को अकेले चुनाव लड़ना चाहिए?

कमेंट करके जरूर बताइए।

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