पुराने राजस्व मामलों पर CM योगी सख्त, बोले- खत्म हो 'तारीख पर तारीख' का ट्रेंड
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराने राजस्व मामलों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 5 साल से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और गलत जनशिकायतों पर 5 दिन के भीतर जवाब देने को कहा।

पुराने राजस्व मामलों पर CM योगी सख्त, बोले- खत्म हो 'तारीख पर तारीख' का ट्रेंड
उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लोगों को बार-बार तारीख न दी जाए और पुराने मामलों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए।
5 साल से पुराने मामलों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन राजस्व मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए हैं जो पिछले 5 साल या उससे अधिक समय से लंबित हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुराने मामलों की लगातार समीक्षा की जाए और उनके निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।
## 'तारीख पर तारीख' का ट्रेंड खत्म करने के निर्देश
CM योगी ने कहा कि आम लोगों को राजस्व और भूमि विवादों के मामलों में लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को 'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति खत्म करने और मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
गलत जनशिकायतों पर 5 दिन में जवाब
मुख्यमंत्री ने जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी शिकायत की जांच में वह गलत या तथ्यहीन पाई जाती है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दी जाए और संबंधित अधिकारी की ओर से 5 दिन के भीतर जवाब उपलब्ध कराया जाए।
अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर
CM योगी ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के साथ यह भी देखा जाए कि किसी मामले में अनावश्यक रूप से तारीख न बढ़ाई जाए।
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
राजस्व और भूमि से जुड़े विवादों में देरी का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। लंबे समय से लंबित मामलों के तेजी से निस्तारण से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का फोकस अब पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर खत्म करने और शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर है।
