पुतिन ने की PM मोदी की तारीफ, भारत-रूस व्यापार बढ़ने का श्रेय दिया; जल्द मुलाकात की उम्मीद
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की है। पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने मोदी से जल्द मुलाकात की उम्मीद भी जताई।

भारत और रूस के बीच मजबूत होते रिश्तों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। 24 अगस्त को मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात के दौरान पुतिन ने भारत-रूस संबंधों में प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत ध्यान को अहम बताया।
पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में इस साल फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। उन्होंने इस प्रगति को भारत और रूस के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दिए जा रहे विशेष ध्यान से जोड़ा।
कई क्षेत्रों में सहयोग
रूसी राष्ट्रपति ने भारत और रूस के बीच सहयोग के दायरे का भी जिक्र किया। दोनों देश ऊर्जा, उर्वरक, व्यापार, तकनीक और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। जयशंकर ने भी बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में उल्लेखनीय विस्तार की बात कही।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और रूस अपने लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों को आर्थिक मोर्चे पर और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
मोदी से जल्द मिलना चाहते हैं पुतिन
पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द मुलाकात की उम्मीद भी जताई। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों नेताओं की अगली मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के आगामी शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस साल दोनों नेताओं की एक से अधिक मुलाकात संभव है।
जयशंकर ने पुतिन को प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भी सौंपा। भारत की ओर से भी दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
भारत-रूस रिश्तों के लिए क्या मायने?
पुतिन का बयान यह संकेत देता है कि मॉस्को भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को आने वाले समय में और विस्तार देना चाहता है। व्यापार में बढ़ोतरी के साथ ऊर्जा, उर्वरक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
आने वाले महीनों में मोदी-पुतिन की संभावित मुलाकात पर भी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच बातचीत का असर द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ व्यापक वैश्विक कूटनीति पर भी पड़ सकता है।
