राजनीति

राहुल गांधी के मंच से मेलोनी पर टिप्पणी पर मचा बवाल, BJP ने घेरा; जानें पूरा विवाद

कांग्रेस के रचनात्मक कांग्रेस नेशनल कन्वेंशन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए ‘हग डिप्लोमेसी’ पर तंज कसा। इसी दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का जिक्र करते हुए टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया।

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कांग्रेस के रचनात्मक कांग्रेस नेशनल कन्वेंशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर राहुल गांधी के बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राहुल गांधी ने विदेशी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकातों और गले मिलने की तस्वीरों पर तंज कसते हुए इसे ‘हग डिप्लोमेसी’ के तौर पर पेश किया।

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाकर कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि प्रधानमंत्री मोदी के दिमाग में यह विचार कहां से आया कि गले लगाना ही विदेश नीति है। इसके बाद संदीप दीक्षित ने बातचीत में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का संदर्भ दे दिया।

संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी से पूछा कि कहीं उन्होंने उन्हें मेलोनी समझकर तो गले नहीं लगाया था। इस पर राहुल गांधी ने भी जवाब दिया। मंच पर मौजूद लोगों के बीच इस बातचीत पर हंसी हुई, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

BJP ने साधा निशाना

इस टिप्पणी के बाद बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी की ओर से इसे अनुचित और अमर्यादित टिप्पणी बताया गया। बीजेपी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे नेता से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती।

वहीं, कांग्रेस की ओर से इस पूरे मामले की अलग व्याख्या की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने बयान में जॉर्जिया मेलोनी का नाम नहीं लिया था और उनका निशाना प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर था।

विवाद की वजह क्या है?

दरअसल, राहुल गांधी अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति को लेकर आलोचना कर रहे थे। उन्होंने विदेशी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की मुलाकातों में होने वाले गले मिलने के अंदाज को राजनीतिक तंज का विषय बनाया। इसी दौरान संदीप दीक्षित की मेलोनी वाली टिप्पणी ने पूरे मामले को नया राजनीतिक रंग दे दिया।

अब यह मुद्दा बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया केंद्र बन गया है। एक तरफ बीजेपी इसे अमर्यादित टिप्पणी बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर राजनीतिक व्यंग्य के रूप में देख रही है।

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