संसद में अमित शाह के बयान पर सरकार तैयार, विपक्ष की मांगों पर कायम कांग्रेस
मानसून सत्र में छात्र प्रदर्शन पर चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के बयान के लिए सरकार तैयार हो गई है, लेकिन इससे संसद का गतिरोध खत्म नहीं हुआ। कांग्रेस प्रधानमंत्री की माफी और राम मंदिर फंड से जुड़े आरोपों पर भी जवाब चाहती है।

संसद के मानसून सत्र में छात्र प्रदर्शन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध सोमवार को भी खत्म नहीं हो सका। सरकार ने छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा कराने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब दिलाने पर सहमति जताई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मामले पर विस्तृत जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि गृह मंत्री के बयान के दौरान विपक्ष सदन से बाहर न जाए और चर्चा में शामिल हो।
हालांकि, कांग्रेस ने सरकार की पेशकश को पर्याप्त नहीं माना। पार्टी की मांग है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माफी मांगें। इसके अलावा कांग्रेस राम मंदिर से जुड़े चंदे के कथित गबन के मुद्दे पर भी सरकार से बयान चाहती है।
विपक्ष के लगातार विरोध के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित होती रही। सरकार ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनकी मांगें लगातार बदल रही हैं। वहीं विपक्ष का कहना है कि जिन सभी मुद्दों को उठाया गया है, उन पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
अब सरकार द्वारा अमित शाह के बयान की पेशकश के बावजूद मुख्य विवाद इस बात पर बना हुआ है कि क्या विपक्ष की अन्य मांगों पर भी सरकार चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार होगी।
क्रक्स: सरकार ने छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में चर्चा और अमित शाह के बयान की पेशकश की है, लेकिन कांग्रेस प्रधानमंत्री की माफी और राम मंदिर फंड से जुड़े आरोपों पर भी जवाब चाहती है। इसी वजह से संसद में गतिरोध अभी कायम है।
