संसद में गतिरोध के बीच अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- 24 घंटे चर्चा को तैयार, विपक्ष तय करे
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चर्चा की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन समेत विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और उनके हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। शाह ने विपक्ष से कहा कि वह अपनी मांगें तय करे और सदन में चर्चा करे। अमित शाह ने यह भी कहा कि वह विपक्ष की बात सुनने और उसके सवालों का जवाब देने के लिए लंबे समय तक सदन में मौजूद रहने को तैयार हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने सरकार की पेशकश पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि ठोस जवाब और जवाबदेही चाहिए।

संसद में गतिरोध के बीच अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- 24 घंटे चर्चा को तैयार, विपक्ष तय करे
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026: संसद के मानसून सत्र में छात्रों के प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चर्चा की खुली चुनौती दी है। शाह ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है और वह इस मुद्दे पर लंबी चर्चा के लिए भी तैयार हैं।
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि गृह मंत्री सदन में छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर अपना पक्ष रखें। कई दिनों से जारी हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
अमित शाह बोले- हर सवाल का जवाब देने को तैयार
गृह मंत्री ने विपक्ष से कहा कि वह अपने सभी सवाल सदन में रखे। शाह के मुताबिक, सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर नियमों के तहत चर्चा की जा सकती है।
उन्होंने विपक्ष को यह भी संकेत दिया कि चर्चा के लिए समय की कोई कमी नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, शाह ने कहा कि वह विपक्ष की बात सुनने और उसके सवालों का जवाब देने के लिए लंबे समय तक सदन में मौजूद रहने को तैयार हैं।
विपक्ष पर हंगामा करने का आरोप
अमित शाह ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि अगर विपक्ष वास्तव में जवाब चाहता है तो उसे सदन में चर्चा करनी चाहिए।
सरकार का तर्क है कि संसद में किसी मुद्दे का समाधान हंगामे से नहीं बल्कि चर्चा और बहस से होना चाहिए। सत्ता पक्ष लगातार विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील कर रहा है।
राहुल गांधी ने पेशकश पर उठाए सवाल
वहीं, विपक्ष की ओर से अमित शाह की पेशकश को लेकर अलग रुख सामने आया है। राहुल गांधी ने संकेत दिया कि विपक्ष को केवल लंबा भाषण नहीं चाहिए, बल्कि छात्रों से जुड़े मामले में ठोस जवाब और जवाबदेही चाहिए।
इससे साफ है कि सरकार और विपक्ष के बीच सिर्फ मुद्दे को लेकर ही नहीं, बल्कि चर्चा के तरीके और सरकार के जवाब को लेकर भी मतभेद बना हुआ है।
संसद में जारी है सियासी टकराव
मानसून सत्र के अंतिम दौर में पहुंचने के बावजूद सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। विपक्ष छात्र प्रदर्शन के अलावा अपनी अन्य मांगों को भी चर्चा में शामिल करना चाहता है, जबकि सरकार चर्चा के जरिए गतिरोध समाप्त करने की कोशिश कर रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमित शाह की चर्चा की पेशकश से संसद में जारी गतिरोध खत्म होगा या विपक्ष अपनी मांगों पर कायम रहेगा।
क्रक्स: अमित शाह ने विपक्ष को छात्रों के प्रदर्शन समेत सभी मुद्दों पर चर्चा की चुनौती दी है और कहा है कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि उसे केवल बयान नहीं, बल्कि ठोस जवाब और जवाबदेही चाहिए। इसी को लेकर संसद में गतिरोध अभी भी जारी है।
