राजनीति

संसद में हंगामे के बीच सरकार का मिशन जारी, बिना चर्चा कई बिल पास, अब FCRA संशोधन विधेयक पर नजर

संसद के मानसून सत्र में लगातार विपक्ष के हंगामे के बावजूद सरकार अपना विधायी एजेंडा तेजी से आगे बढ़ा रही है। लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हो चुके हैं। अब सरकार की नजर FCRA संशोधन विधेयक पर है, जिसे जल्द सदन में पेश किया जा सकता है।

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गामे के बीच भी नहीं रुका सरकार का एजेंडा

संसद के मानसून सत्र में लगातार विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बावजूद सरकार अपने विधायी कार्यक्रम को तय योजना के अनुसार आगे बढ़ा रही है। दोनों सदनों में कार्यवाही कई बार बाधित हुई, लेकिन सरकार ने उपलब्ध समय का उपयोग करते हुए कई अहम विधेयकों को पारित करा लिया।

विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सरकार ने आवश्यक विधायी कार्यों को प्राथमिकता दी।

कई महत्वपूर्ण विधेयक हुए पारित

अब तक लोकसभा में कई अहम विधेयक पारित किए जा चुके हैं। इनमें एंटी पेपर लीक कानून, एप्रोप्रिएशन बिल, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा संशोधन और जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित संशोधन विधेयक शामिल हैं।

कुछ विधेयकों को विपक्ष का समर्थन मिला, जबकि कुछ मामलों में विपक्षी दलों के वॉकआउट के कारण सरकार के लिए विधेयक पारित कराना आसान हो गया।

राज्यसभा में भी जारी रही प्रक्रिया

राज्यसभा में भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। इसके बावजूद सरकार ने अपनी विधायी प्रक्रिया जारी रखी और कई प्रस्तावों पर आगे बढ़ने में सफलता हासिल की।

हालांकि, लगातार हो रहे हंगामे के कारण कई विषयों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।

अब FCRA संशोधन विधेयक पर निगाह

सरकार के आगामी विधायी एजेंडे में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक शामिल माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, यह विधेयक मौजूदा सप्ताह या अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है। इस पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह सरकार का पक्ष रख सकते हैं।

संविधान संशोधन वाले बिलों पर अभी सस्पेंस

सरकार के अन्य बड़े एजेंडे, जैसे परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संभावित संविधान संशोधन विधेयकों को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार ऐसे विधेयकों को तभी पेश करेगी जब उसे पर्याप्त समर्थन मिलने का भरोसा होगा।

आगे क्या होगा?

मानसून सत्र के शेष दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने की संभावना है। एक ओर विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने विधायी कार्यक्रम को समय पर पूरा करने की कोशिश में जुटी है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि FCRA संशोधन विधेयक कब सदन में आता है और उस पर किस तरह की राजनीतिक बहस देखने को मिलती है।

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