संसद में फिर गूंजा महिला आरक्षण और परिसीमन बिल का मुद्दा, क्या सरकार बढ़ाएगी मानसून सत्र?
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बावजूद अब तक औपचारिक रूप से समाप्त नहीं हुआ है। इसी वजह से महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार इन मुद्दों पर आगे बढ़ने के विकल्प पर विचार कर सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी नए विधेयक को संसद में लाने या सत्र बढ़ाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। इसके लागू होने को परिसीमन और जनगणना से जोड़ा गया था। 2026 में इससे जुड़े प्रस्तावों में इस प्रक्रिया को जल्द लागू करने की कोशिश की गई थी।

संसद के मानसून सत्र के औपचारिक समापन में देरी ने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संभावित विधायी कदमों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज कर दी हैं। लोकसभा और राज्यसभा को 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया था, लेकिन 23 अगस्त तक सत्र का औपचारिक सत्रावसान नहीं हुआ है। आम तौर पर सदनों के स्थगित होने के कुछ दिनों के भीतर सत्रावसान की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
इसी वजह से अब सवाल उठ रहा है कि क्या केंद्र सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए संसद की बैठक दोबारा बुलाने की संभावना तलाश रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इन विधेयकों को लेकर किसी नए सत्र या औपचारिक कदम की घोषणा नहीं की गई है।
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था। मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में इसका लागू होना जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।
परिसीमन को लेकर राजनीतिक विवाद भी लगातार बना हुआ है। दक्षिणी और कुछ छोटे राज्यों की ओर से आशंका जताई गई है कि आबादी के आधार पर सीटों के पुनर्गठन से संसद में उनके प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, केंद्र की ओर से सीटों में संभावित बढ़ोतरी और प्रतिनिधित्व के संतुलन को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा की खबरें सामने आती रही हैं।
इस मुद्दे पर सरकार को संसद में संवैधानिक संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत के गणित को भी ध्यान में रखना होगा। इसी संख्या बल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बातचीत की खबरें पहले सामने आ चुकी हैं।
कांग्रेस समेत विपक्षी दल सरकार की रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी संसद का औपचारिक सत्रावसान नहीं होने को लेकर सवाल उठाया है और आशंका जताई है कि सरकार परिसीमन विधेयक के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकती है।
फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। संसद का सत्र औपचारिक रूप से समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर बनी राजनीतिक हलचल ने अटकलों को जरूर हवा दे दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इन मुद्दों पर आगे कोई ठोस कदम उठाती है या मामला फिलहाल टाल दिया जाता है।
