Sukhbir Badal Meets PM Modi: Punjab में फिर साथ आएंगे BJP-SAD? गठबंधन और सीट शेयरिंग पर बढ़ी चर्चा
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद BJP और SAD के संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, यदि दोनों दल साथ आते हैं तो सिर्फ रिश्तों की नहीं, बल्कि सीट शेयरिंग और नेतृत्व के समीकरण की चुनौती भी सामने होगी।

Sukhbir Badal-PM Modi Meeting: क्या पंजाब में फिर साथ आएंगे BJP और SAD? गठबंधन से पहले सीटों का गणित सबसे बड़ी चुनौती
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। संसद परिसर में हुई इस बैठक के बाद एक बार फिर BJP और SAD के दोबारा साथ आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, दोनों दलों की ओर से किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई है।
क्यों अहम मानी जा रही है यह मुलाकात?
BJP और शिरोमणि अकाली दल कई वर्षों तक पंजाब में सहयोगी रहे, लेकिन कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में दोनों दलों का गठबंधन टूट गया था। अब विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच यह मुलाकात राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखी जा रही है।
सिर्फ गठबंधन नहीं, सीट शेयरिंग भी बड़ी चुनौती
यदि दोनों दल फिर से साथ आते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल सीटों के बंटवारे का होगा। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब की राजनीति में BJP ने अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश की है, जबकि SAD भी खुद को फिर से राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय ताकत के रूप में स्थापित करना चाहती है। ऐसे में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय करना आसान नहीं माना जा रहा।
क्या बदलेगा पंजाब का राजनीतिक समीकरण?
पंजाब में फिलहाल आम आदमी पार्टी सत्ता में है, जबकि कांग्रेस भी मजबूत विपक्ष बनने की कोशिश कर रही है। ऐसे में यदि BJP और SAD दोबारा साथ आते हैं, तो चुनावी मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो सकता है। हालांकि गठबंधन की संभावना पर अभी दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
