राजनीति

श्री राम को बता डाला इमाम ऐ हिन्द कांग्रेस की करतूत से भड़का देश !

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और सनातन के खिलाफ कांग्रेस की नफरत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है ! पहले दशकों तक श्री राम जन्मभूमि मंदिर की राह में रोड़ा बनकर कांग्रेस ने करोड़ो हिन्दुओ की आस्था पर प्रहार किया तो अब श्री राम मंदिर को राजनीतिक हथियार बनाकर कांग्रेस ने एक बार फिर से सनातन अपमान का अभियान छेड़ दिया है

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मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और सनातन के खिलाफ कांग्रेस की नफरत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है ! पहले दशकों तक श्री राम जन्मभूमि मंदिर की राह में रोड़ा बनकर कांग्रेस ने करोड़ो हिन्दुओ की आस्था पर प्रहार किया तो अब श्री राम मंदिर को राजनीतिक हथियार बनाकर कांग्रेस ने एक बार फिर से सनातन अपमान का अभियान छेड़ दिया है !

राम भगवान हैं कोई "इमाम-ए-हिंद" नहीं !

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत द्वारा भगवान श्रीराम के संदर्भ में "इमाम-ए-हिंद" शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा और कई हिंदू संगठनों ने इसे करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है।

आलोचकों का कहना है कि भगवान श्रीराम सनातन धर्म में मर्यादा पुरुषोत्तम, भगवान विष्णु के अवतार और करोड़ों हिंदुओं के आराध्य हैं। ऐसे में किसी दूसरे धार्मिक पद या उपाधि से उनकी तुलना करना उचित नहीं माना जा सकता। उनका तर्क है कि "इमाम" इस्लाम में नमाज़ का नेतृत्व करने वाले धार्मिक व्यक्ति के लिए प्रयुक्त शब्द है, इसलिए श्रीराम के लिए इसका प्रयोग नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस पर पहले भी लगे हैं भगवान राम के अपमान के आरोप

1. 2007 – रामसेतु पर केंद्र सरकार का हलफनामा उस समय Manmohan Singh के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने Ram Setu affidavit controversy के दौरान सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया। हलफनामे में कहा गया था कि भगवान राम के ऐतिहासिक अस्तित्व का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। भारी विरोध के बाद सरकार ने यह हलफनामा वापस ले लिया और कहा कि लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाएगा।

2. 2018 – Kapil Sibal की अयोध्या सुनवाई टालने की मांग राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई 2019 लोकसभा चुनाव के बाद की जाए। भाजपा ने इसे राम मंदिर निर्माण में देरी कराने की कोशिश बताया। कांग्रेस ने कहा कि यह उनका निजी कानूनी पक्ष था, पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं।

3. 2019 – Sam Pitroda का बयान सैम पित्रोदा ने कहा था कि "राम मंदिर जैसे मुद्दे देश के असली मुद्दे नहीं हैं।" भाजपा ने इसे हिंदू आस्था का अपमान बताया। कांग्रेस ने बाद में कहा कि यह उनका व्यक्तिगत बयान था।

4. 2024 – Ram Mandir Pran Pratishtha का बहिष्कार कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Sonia Gandhi और Adhir Ranjan Chowdhury ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है। भाजपा ने इसे भगवान राम का अपमान बताया।

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